Thursday, January 15, 2015

ये दो lines उन पाठकों को समर्पित जो दिल के सच्चे हैं लेकिन हमेशा निराशा ही मिली " *** क्यों तू अपने आप से नाराज रहता है सदा खूबियाँ जो तुझ में है वो औरों में ना मिल पायेगी !!


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